
महिलाओं में संभोग के दौरान दर्द के बारे में संक्षिप्त जानकारी:
क्या आप पटना, बिहार, या ऑनलाइन बेस्ट सेक्सोलॉजिस्ट की खोज कर रहे है? वास्तव में, आपका महिला साथी संभोग के दौरान होने वाले दर्द से परेशान है। वास्तव में, उनकी यह समस्या आपके निजी व यौन जीवन में परेशानी का कारण भी बनता है। कोई बात नहीं, आज का हमारा यह सत्र, महिलाओं में होने वाले संभोग दर्द विकार से ही संबंधित है जहाँ, हम इस समस्या के कारण, लक्षण, और निदान के बारे में जानेगे। वैसे तो, यह महिलाओं में होने वाला समस्या यौन समस्या है परन्तु केवल अल्पावधि आधार पर। इस यौन समस्या को भिन्न-भिन्न नामो से भी जाना जाता है, जैसे कि पेनेट्रेशन डिसऑर्डर, संभोग के दौरान दर्द या डिस्पेर्यूनिया। भारत में, लगभग 12-15% महिलाएं अपने यौन जीवन में इस यौन समस्या की रिपोर्ट करती हैं।
हमारे विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य डॉ. सुनील दुबे, जो बिहार में सर्वश्रेष्ठ सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर भी हैं, कहते हैं कि प्राकृतिक रूप से देखा जाय तो महिलाएं पुरुषों की तुलना में अपने यौन जीवन में अधिक समस्याओं से अधिक जूझती हैं। संभोग के दौरान दर्द या दर्दनाक संभोग के मामले में, महिला को शारीरिक, मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक और पिछले आघात से निपटना पड़ता है। वास्तव में, यह उन महिलाओं के लिए बहुत गंभीर स्थिति है जो इस स्थिति का सामना कर रही हैं। महिलाओं के जीवन में बहुत सारी समस्याएं जैसे कि ल्यूकोरिया (असमान्य श्राव), वैजिनल का सूखापन, वैजिनिस्मस, डिसपेर्यूनिया आदि, ऐसे यौन रोग है जो उनके यौन जीवन में समस्याएं पैदा करती हैं और उनमें से अधिकांश उनके संभोग के दौरान दर्दनाक स्थिति उत्पन्न करते हैं।
महिलाओं में संभोग के दौरान होने वाले दर्द पर एक नज़र:
आमतौर पर, महिला में होने वाले वैजिनल के सूखेपन (एस्ट्रोजन के कम स्तर), वैजिनल का सिकुड़न, यौन संक्रमण, पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों के विकार, भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक मुद्दों; ये सभी वे शारीरिक व मानसिक कारण है जो उनके संभोग के दौरान दर्द पैदा करती है। अगर सेक्सोलॉजी मेडिकल साइंस के टर्म को देखे तो, इसे डिस्पेर्यूनिया के रूप में जाना जाता है, जिसमें कई अंतर्निहित चिकित्सा की स्थितियां होती हैं जो महिला को इस दर्दनाक संभोग का कारण बनती हैं। इस स्थिति में, महिला को प्रवेश के दौरान या प्रवेश के तुरंत बाद दर्द महसूस होता है। यह जननांग या पेट के क्षेत्र में तीव्र या मध्यम दर्द हो सकता है। विवाहित या अविवाहित दोनों महिलाएं यौन क्रिया के दौरान इस यौन समस्या से पीड़ित हो सकती हैं।
डॉ. सुनील दुबे आगे बताते हैं कि अगर हम महिलाओं में इस दर्द के संभावित कारणों पर गौर करें तो हमें पता चलता हैं कि इसमें शारीरिक, मानसिक और मनोवैज्ञानिक कारक अहम भूमिका निभाते हैं। अगर किसी महिला को अपने यौन जीवन में एक या दो बार इस दर्द का अनुभव होता है तो यह एक सामान्य सी बात है और उन्हें इसके लिए परेशान नहीं होना चाहिए। संभोग के दौरान लगातार दर्द का बने रहना, इस स्थिति का सामना कर रही महिलाओं के लिए वाकई एक गंभीर मामला है। यहां, उन्हें इस समस्या के अंतर्निहित कारणों को जानने व चिकित्सा व उपचार के लिए, एक योग्य सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए। वे उनकी यौन समस्याओं के कारणों को संबोधित करने और उपचार में मदद करते है।
महिलाओं में होने वाले संभोग के दौरान दर्द के संभावित कारण:
हमारे आयुर्वेदाचार्य डॉ. सुनील दुबे, जो पिछले साढ़े तीन दशकों से पटना के सर्वश्रेष्ठ सेक्सोलॉजिस्ट रहे हैं, कहते हैं कि महिलाओं में इस पेनिट्रेशन डिसऑर्डर के लिए मूल रूप से शारीरिक और मनोवैज्ञानिक कारको का महत्वपूर्ण योगदान होता हैं। अपने दैनिक अभ्यास, अनुभव और परामर्श के आधार पर वे कहते हैं कि इसके कुछ संभावित कारण है, जो निम्नलिखित है: –
शारीरिक कारण:
वैजिनल का सूखापन (हार्मोनल परिवर्तनों के कारण), यौन संक्रमण (यीस्ट या यौन संचारित संक्रमण होने पर), एंडोमेट्रियोसिस (गर्भाशय की परत के सिकुड़न की स्थिति), वुल्वोडायनिया (वैजिनल में पुराना दर्द), वैजिनिस्मस (अनैच्छिक वैजिनल मांसपेशियों में तनाव), पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज, चोट या आघात; वे शारीरिक कारण होते हैं, जिनकी वजह से महिला को संभोग के दौरान दर्द का अनुभव होता है।
मनोवैज्ञानिक कारण:
विभिन्न प्रकार के तनाव, चिंता की स्थिति, अवसाद, रिश्तों की समस्याएं, पिछले यौन आघात, यौन क्रिया में संलग्न होने से दर्द का डर और सांस्कृतिक या धार्मिक मान्यताएँ कुछ ऐसे मनोवैज्ञानिक कारक हैं जो महिलाओं में संभोग के दौरान दर्द के लिए जिम्मेदार कारक माने जाते हैं।
महिलाओं में होने वाले संभोग के दौरान दर्द का निदान और उपचार:
वैसे तो बाजार में कई सारी दवाएं उपलब्ध हैं और व्यक्ति अपने सुविधा के अनुसार उनमें से किसी एक को भी चुन सकता है। अगर हम सभी यौन समस्याओं का सुरक्षित, प्रभावी और शुद्ध चिकित्सा के तहत इलाज करना चाहते हैं, तो केवल आयुर्वेद के पास ही सही उपचार व समाधान है। चूँकि आयुर्वेद का दृष्टिकोण प्राकृतिक आदतों, योग, व्यायाम, आहार, मालिश, ध्यान और अच्छी जीवनशैली पर आधारित होता है। यह किसी भी यौन समस्या से छुटकारा पाने के लिए उपचार की प्राकृतिक व पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली प्रदान करता है। इस चिकित्सा-उपचार की विशेषता यह है कि यह शरीर के सभी दोषों (वात, पित्त और कफ) को संतुलित करता है जो किसी भी गुप्त व यौन समस्या का कारण बनता है।
संभोग दर्द विकार के आयुर्वेदिक उपचार का मुख्य दृष्टिकोण:
- वैजिनल के सूखेपन के लिए प्राकृतिक स्नेहक और तेल का प्रबंधन।
- हॉर्मोन के असंतुलन के मामले में हार्मोन थेरेपी का उपचार।
- यौन संक्रमण के लिए प्राकृतिक एंटीबायोटिक्स का उपचार।
- योनिशोथ या संकुचन के लिए पेल्विक फ्लोर थेरेपी।
- गंभीर मामलों में दर्द की दवा का प्रबंधन।
- चिकित्सकीय रूप से सिद्ध आयुर्वेदिक दवा।
- गुणात्मक आयुर्वेदिक भस्म व हर्बल उपचार।
यौन रोगियों के लिए जीवनशैली और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण:
- साथी के साथ संचार का प्रबंधन।
- तनाव प्रबंधन तकनीक की मदद।
- यौन परामर्श और चिकित्सा की व्यवस्था।
- विश्राम तकनीक का उपयोग।
- संतुलित आहार, योग और व्यायाम।
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भारत में प्रमाणित आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी क्लिनिक
डॉ. सुनील दुबे, विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य और सेक्सोलॉजिस्ट
बी.ए.एम.एस. (रांची), एम.आर.एस.एच. (लंदन), पीएच.डी. आयुर्वेद (अमेरिका) में
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